UPA के समय इनको मिल जाती थी टैक्स में भी छूट, मोदी ने निकाल दिया है इन सभी का तेल



देखिए कैसे लोग धीरे-धीरे गरीब होते जा रहे हैं, अपनी संपत्ति तक बेचने को मजबूर हो गए हैं, वैसे ये गरीब कौन हैं, उनके बारे में भी जान लीजिए और क्यों इन्हें अपनी संपत्ति बेचनी पड़ रही है?

ये ब्रेकिंग न्यूज टीवी वाले नहीं दिखाएंगे, एकाध अखबार ने ही चुपके से इसे कहीं छाप दी है, आइये हम बता देते हैं❓

* बैंकों का पैसा वापस करने के लिए #जिंदल_स्टील को अपने रेल व्यापार का 49% हिस्सा बेचना पड़ रहा है,  और हां उसने अपने 3500 मेगावाट के पावर प्लांट को भी SELL पर लगा दिया है

* एस्सार का भी यही हाल है, जनता के पैसे को अब हर हाल में लौटाना है, इसलिए वो भी अपने स्टील कारोबार का बड़ा हिस्सा बेचने को मजबूर है और अपने तेल व्यापार की 49% हिस्सेदारी भी बेच रहा है

* GVK के भी बुरे दिन आ गए हैं। बैंकों के पैसे लौटाने के लिए अपने बैंगलोर और बॉम्बे एयरपोर्ट की 33 प्रतिशत हिस्सेदारी बेच रहा है और सड़क से जुड़ी अपनी पूरी संपत्ति को सेल पर लगा दिया है

* DLF का तो हाल मत पूछो, दिल्ली का भव्य साकेत मॉल तक बेचने की नौबत आ गई और अपने रेंटल और भूमि संपत्ति में से 40 प्रतिशत हिस्सा बेच रहा है, * GMR ने हाइवे प्रोजेक्ट, साउथ अफ्रीकन कोल माइन, इस्तांबुल एयरपोर्ट और सिंगापुर पावर पोजेक्ट का 70%, इंडोनेशिया के 2 कोयला खदानों को सेल पर लगा दिया है

* JP ग्रुप अल्ट्राटेक, यमुना एक्सप्रेस वे और JSW में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच रहा है, * टाटा भी नहीं बचे, इन्हें UK में कोरस स्टील प्लांट बेचना पड़ रहा है, धमरा पोर्ट को बेच रहा है, दक्षिण अफ्रीका में नियोटिल बेच रहा है, बॉम्बे में जमीन तक बेचनी पड़ रही है

* Lanco आंध्रा और उडूपी में अपने बिजली उत्पादन यूनिट बेच रहा है, * Videocon 6 सर्किल में अपना टेलीकॉम स्पेक्ट्रम बेचने को मजबूर है, मोन्जाबिक में तेल संपत्ति बेच रहा है, * रेनुका सुगर ब्राजील पावर, चीनी और बॉयो फ्यूल के कारोबार को निपटाने में जुटा है

* सहारा समूह की 86 संपत्तियां बिक रही हैं, फॉर्मूला वन का 42 प्रतिशत, मुंबई में सहारा होटल, लंदन के होटल , न्यूयॉर्क प्लाजा होटल , द ड्रीम न्यूयॉर्क होटल और 4 हवाई जहाज बेच रहा है

बेचारे विजयमाल्या 🍻 के तो दुर्दिन ही आ गए हैं... सारी की सारी सम्पत्ति 😰 बिक रही हैं, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के तो हाल मत पूछो, मुंबई में बिजली कंपनी के उत्पादन और वितरण का 49% हिस्सेदारी बेचनी पड़ रही है, बिड़ला सीमेंट अपना सीमेंट के व्यापार और सड़क की सारी परियोजनाएं बेच रहा है

जरा_सोचिए 🤔 कभी आपने कल्पना की थी कि 60 साल बाद देश की नामी कंपनियां अपनी संपत्ति बेचकर बैंक का कर्ज वापस कर रही होंगी, अब तो आपको भी पता चल गया होगा कि ये सूटबूट की सरकार किसके लिए काम कर रही है - पिछली UPA सरकार के दौरान इन कंपनियों को टैक्स में  भी छूट मिल जाती थी, और जितना चाहे उतना लोन इनको दे दिया जाता था, माल्या को भी सारे लोन मैडम की सरकार ने तो दिए, कुछ समझ गए हों तो देशहित में इस संदेश को आगे शेयर करें, धन्यवाद