दरगाह की खुदाई के दौरान मिली भगवान् शिव और माँ दुर्गा की मूर्तियां



इतिहास और सच को दबाने की कितनी भी कोशिश की जाये पर कभी न कभी वो बाहर आती ही है, हज़ारों हिन्दुओ मंदिरों को तोड़कर इस्लामिक आक्रांताओं ने, सूफियों ने मस्जिदों और दरगाहों का निर्माण करवाया था, काशी का ज्ञानव्यापी मस्जिद असली काशी विश्वनाथ मंदिर के ऊपर बनाया गया है 

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मथुरा का मस्जिद असली कृष्ण मंदिर के ऊपर बना हुआ है, अयोध्या में भी राम मंदिर तोड़कर बाबरी मस्जिद बनाई गयी थी, दिल्ली का जामा मस्जिद हिन्दू काली मंदिर तोड़कर बनाया गया है, कुतुबमीनार काम्प्लेक्स बनाने के लिए 27 हिन्दू और कई जैन मंदिरो को तोडा गया, और भारत पाकिस्तान में जितनी भी पुरानी मस्जिदें है, सभी को हिन्दू मंदिर को तोड़कर उनके ऊपर बनाई गयी है 

कश्मीर में हिन्दुओ का बड़े पैमाने पर कत्लेआम किया गया, हिन्दू मंदिरों को तोडा गया, और मंदिरो को तोड़कर वहीँ उनके ऊपर मस्जिदें बनाई गयी, इस्लामिक इतिहास ऐसी घटनाओं से भरा हुआ है 

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कश्मीर के डरिनगर के जड़ीबाल में शम्सुद्दीन इराकी दरगाह को बड़ा करने के लिए उसके बौंडरी के  पास खुदाई का काम शुरू किया गया ताकि दरगाह को और बड़ा किया जा सके, और इसी खुदाई के दौरान भगवान् शिव और माता पार्वती/दुर्गा स्वरुप की 6 फुट बड़ी मूर्तियां मिली 

और साफ़ हो गया की आज जो ये शम्सुद्दीन इराकी दरगाह बना हुआ है, ये हिन्दू मंदिर को तोड़कर उसके ऊपर बनाया गया था, पहले यहाँ हिन्दुओ का कत्लेआम किया गया, मंदिर को लूटा गया, मंदिर को तोडा गया फिर कश्मीरी सूफियों ने यहाँ ये दरगाह बना दी, और आज आख़िरकार शिव और दुर्गा खुदाई के दौरान मिले, जिन्हे मंदिर को तोड़कर जमीन में ही दफ़न कर दिया गया था 

भारत की तमाम मस्जिदों की यही कहानी है, ये क़त्ल, मंदिरों को तोड़कर बनाई गयी है, और इनके प्रमाण आये दिन निकलते ही रहते है