बार बार कट्टरपंथी हिन्दुओ से सवाल करते रहते है, गाय तुम्हारी माता कैसे है ?
अब आपको हम कट्टरपंथियों के शरिया का एक कानून बता रहे है जिसे शायद आप नहीं जानते होंगे , कट्टरपंथियों के कानून के मुताबिक शौहर अगर गलती से, या जानबूझकर या किसी भी स्तिथि में
अपनी बेगम का दूध पी ले, तो ऐसी सूरत में वो बेगम नहीं बल्कि कट्टरपंथी की अम्मी हो जाती है, माँ हो जाती है
यानि सिर्फ दूध पी लेने मात्र से आपकी बेगम आपकी अम्मी हो जाती है, ये कट्टरपंथियों का शरिया कानून कहता है, इस्लाम में ही लिखा हुआ है की किसी का दूध पिने से वो आपकी माँ हो जाएगी, इसलिए बेगम का दूध पीने की सख्त मनाही की गयी है, आपको इंटरनेट पर ज़ाकिर नाइक जैसे हज़ारों इस्लामिक विद्वानों के वीडियो भी दिख जायेंगे, जिसमे वो इस बात की पुष्टि भी कर देंगे
अब यही कट्टरपंथी हिन्दुओ को पूछते है की गाय तुम्हारी माता कैसे है, कट्टरपंथियों को पहले ये बताना चाहिए की, दूध पी लेने से तुम्हारी बेगम तुम्हारी अम्मी कैसे हो जाती है
सबके अपने संस्कार है, धर्म संस्कारों और जीवन पद्धिति, नियमो से बना हुआ है, बेगम का दूध पीने से वो अम्मी हो जाती है, हिन्दू भी गाय का दूध पीते है और गाय को केवल "माता समान" का दर्जा देते है
आपकी जानकारी के लिए एक और बात बता दें की कुरआन में भी गौहत्या की मनाही की गयी है, गौमांस को बीमारी बताया गया है और गाय के दूध को अमृत समान बताया गया है, अरबी देशों में भी गौमांस खाने का रिवाज नहीं है
