अधिक पढ़े लिखे मॉडर्न लोगों ने जितना भारत का नाश किया है, उतना कदाचित किसी विदेशी हमलावर ने भी नहीं किया है, क्योंकि मॉडर्न पढ़े लिखे लोगों ने भारतीय संस्कृति को ही ख़त्म करने का एजेंडा चलाया
आपको याद होगा पुराने ज़माने में, और आज भी सुदूर गाँव में लोग दूध में हल्दी मिलाकर पीते है
और ये हमारे पूर्वजो ने बताया था, हल्दी वाले दूध से बहुत से फायदे होते है, पर पढ़े लिखे मॉडर्न लोगों ने हल्दी वाले दूध का अपमान किया, इसे पिछड़ेपन की निशानी बताई और दूध में "होर्लिक्स", "बॉर्नविटा" इत्यादि मिलाकर पीने की सलाह दी
नोट : यूरोप के देश में बॉर्नविटा और होर्लिक्स जानवर भी नहीं पीते, खैर , भारत के लोगों ने तो अब हल्दी वाला दूध इस्तेमाल करना बंद कर दिया क्योंकि विदेशी कंपनियों और अधिक पढ़े लिखे मॉडर्न लोगों ने हल्दी दूध के प्रति लोगों में हीन भावना डाल दी, अब हम आपको दिखाते है, की हल्दी वाले दूध को यूरोप में लोग अब क्या कहकर पी रहे है
हल्दी वाले दूध को यूरोप के लोग "मैजिक मिल्क" कहते है यानि जादू वाला दूध और हल्दी दूध की इतनी खूबियां है की लोग इसे यूरोप में लगातार पी रहे है और स्वास्थ्य लाभ ले रहे है भारत में हीन भावना का शिकार हो चुकी हल्दी दूध यूरोप में मैजिक मिल्क बन चुकी है और ये भारतियों का ही दुर्भाग्य है, की वो हल्दी दूध छोड़ कूड़ा डालकर दूध में पी रहा है
आपको एक और बात बता दें की, हल्दी की खूबियों को देखते हुए यूरोप में अब हल्दी की खेती भी शुरू हो चुकी है, पहले हल्दी केवल भारतीय उपमहाद्वीप में ही मिलती थी
