पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुजरात में नोटबंदी की आलोचना की, और कहा की नोटेबंदी के कारण देश की कमर टूट गयी, नोटेबंदी एक लूट थी, नोटेबंदी एक घोटाला था, इसके बाद मनमोहन सिंह ने ये भी कहा की, नोटेबंदी का फैसला मोदी ने किस से पूछकर लिया था, मोदी की हिम्मत ही कैसे हुई की बिना किसी से पूछे उन्होंने नोटेबंदी का फैसला किया
मनमोहन सिंह यही नहीं रुके, उन्होंने ये भी कहा की मोदी की सारी आर्थिक नीतियां ख़राब है, और उस से भारत और यहाँ की इकॉनमी का बेडा गर्ग हो रहा है, मनमोहन सिंह ये सारी बातें गुजरात में हुए एक कांग्रेस के कार्यक्रम में बोल रहे थे
आज अपने विशेष कार्यक्रम में पत्रकार रुबिका लियाकत ने मनमोहन सिंह की इन्ही बातों पर तीखा प्रहार किया और कोंग्रेसी प्रवक्ता से उन्होंने कई गंभीर सवाल किये, इन सवालों को कोंग्रेसी प्रवक्ता गोल कर गया
रुबिका लियाकत ने मनमोहन सिंह पर गंभीर सवाल किया, की क्या वो प्रधानमंत्री होते हुए अपने फैसले सोनिया गाँधी से पूछकर करते थे, प्रधानमंत्री सबसे बड़े संविधानिक पद पर बैठा व्यक्ति होता है, क्या वो किसी से पूछकर फैसला करेगा
रुबिका लियाकत ने अपने हमले को और तीखा करते हुए कहा की क्या मनमोहन सिंह चाहते है की नरेंद्र मोदी भी उनकी तरह सोनिया गाँधी से पूछकर अपने फैसले करें, सोनिया गाँधी बताएंगी की देश कैसे चलाया जाता है ?
आपकी जानकारी के लिए बता दें की जब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे, सोनिया गाँधी तो छोड़िये, राहुल गाँधी भी मनमोहन सिंह सरकार के फैसलों की कॉपी को, अद्यादेश को फाड़ देते थे, सोनिया गाँधी तो क्या राहुल गाँधी के सामने भी प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की कोई हैसियत नहीं थी, न हैसियत और न ही शर्म
रुबिका लियाकत ने ये भी कहा की, मनमोहन सिंह नोटबंदी को संगठित लूट बता रहे है, पर आजतक उन्होंने 2G, कोयला घोटाला, CWG घोटाला और अनेकों घोटालों पर 1 शब्द भी नहीं कहा है मुँह नहीं खोला है, जबकि उनके ही मंत्री सरकारी खजाने को लूटने में लगे हुए थे
