सोनिया का विदेशी इलाज देश के सरकारी अस्पताल में होने लगा, और कितना विकास चाहिए ?



विकास हो रहा  है और खुद सोनिया गाँधी इसका सबसे बड़ा सबूत है, और काफी पुख्ता सबूत है, आपको ध्यान होगा 2004 से लेकर 2014 तक देश में सोनिया गाँधी की ही सत्ता थी, मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री थे 

सोनिया गाँधी मनमोहन सरकार के दौरान बीमार पड़ती थी, छोटी सी भी बीमारी होती थी तो फ़ौरन जेट लगाकर विदेश इलाज के लिए चली जाती थी, सोनिया गाँधी का इलाज भारत में होता ही नहीं था, इलाज के लिए सोनिया गाँधी को विदेश जाना पड़ता था, वो कई बार इलाज के लिए विदेश गयी है 

पर 2014 के बाद देश में मोदी की सरकार बन गयी, और तभी से अपने इलाज के लिए सोनिया गाँधी 1 भी बार विदेश नहीं गयी है, सोनिया गाँधी का जो इलाज विदेश में होता था, सोनिया गाँधी वो इलाज दिल्ली के सरकारी  गंगाराम  अस्पताल में ही करवा ले रही है 

आखिर और कितना विकास चाहिए, खासकर कोंग्रेसियों को, क्यूंकि उनकी मालकिन को अपने इलाज के लिए विदेश भागना पड़ता  था, अब उनका इलाज देश के सरकारी अस्पताल में ही हो जा रहा है, ये विकास ही तो है जो सुविधाएं विदेश में मिलती थी वही सुविधाएं भारत के सरकारी अस्पताल में सोनिया गाँधी को मिल रहा है 

वैसे सोनिया गाँधी विदेश में इलाज के लिए ही जाती थी या किसी और काम के लिए, ये तो बड़े जांच का विषय है, क्यूंकि डॉ सुब्रमण्यम स्वामी का तो कहना है की सोनिया गाँधी गुप्त मीटिंग करने विदेश जाती थी, बैंक अकाउंट को मैनेज करने जाती थी, इलाज का तो बस बहाना था, जो भी हो पर जो सोनिया गाँधी पहले अपने इलाज के लिए विदेश भागती थी उसका इलाज अब भारत के सरकारी अस्पताल में ही हो जाता है