सांप्रदायिक बीजेपी नहीं बल्कि सांप्रदायिक है ममाता बनर्जी : मुकुल रॉय



दैनिक भारत ने अपने पाठकों को 4 महीने पहले खबर दी थी की तृणमूल कांग्रेस के फाउंडर और दूसरे सबसे बड़े नेता जल्द ममाता बनर्जी का साथ छोड़ देंगे, वो अमित शाह के संपर्क में है, और तृणमूल के 76 विधायक उनके साथ है 

हम मुकुल रॉय की बात कर रहे थे, और हमने कहा था की जल्द ही मुकुल रॉय तृणमूल छोड़ बीजेपी में शामिल होंगे, बहुत से लोगों ने दैनिक भारत की खबर को उस समय मजाक समझा था, पर दीपावली से ठीक पहले मुकुल रॉय ने ममाता बनर्जी और तृणमूल का साथ छोड़ दिया, और आज की तस्वीर देखिये, ये बस कुछ पलों पहले की तस्वीर है 

मुकुल रॉय बीजेपी में शामिल हो गए है, उन्होंने दिल्ली में बीजेपी के मुख्यालय में आकर बीजेपी की सदस्यता की, आपको अब हम बता देना चाहते है की, मुकुल रॉय बंगाल के जनाधार वाले नेता है, और इनके साथ ममाता बनर्जी के 76 तक विधायक है, जो इनके एक इशारे पर ममाता बनर्जी का साथ छोड़ बीजेपी में शामिल हो सकते है 



मुकुल रॉय ने बीजेपी में शामिल होने के बाद कहा की, सांप्रदायिक बीजेपी नहीं है, बल्कि सांप्रदायिक ममाता बनर्जी है, और सांप्रदायिक ममाता बनर्जी बंगाल से होगी ख़त्म 


ममाता बनर्जी की हिन्दू विरोधी नीतियों और बंगाल के इस्लामीकरण के खिलाफ मुकुल रॉय ने बीजेपी ज्वाइन किया है, और अब ये निश्चित हो गया है की ममाता बनर्जी की राजनितिक मौत करीब है, बंगाल का हिन्दू उनको जवाब देने को पूरी तरह तैयार है