दक्षिणी दिल्ली में क़ुतुब मीनार नामक एक स्तम्भ है, एक पूरा काम्प्लेक्स है, इसे क़ुतुब काम्प्लेक्स कहा जाता है, इस काम्प्लेक्स में लम्बा सा क़ुतुब मीनार है, और यहाँ मस्जिद भी बनाई गयी है, और अन्य चीजें इस काम्प्लेक्स में बनी हुई है
ये जो आप ऊपर वाली तस्वीर देख रहे है, ये भी क़ुतुब काम्प्लेक्स में ही है, पत्थर का बड़ा सा टुकड़ा है, और इसपर गणेश जी की नक्काशी करी गयी है, ये आज भी क़ुतुब काम्प्लेक्स में मौजूद है, और ऐसे वहां पर बहुत से अन्य उदाहरण भी है
असल में क़ुतुब काम्प्लेक्स जहाँ पर आज बना हुआ है, वहां पर जैन और हिन्दू मंदिर साथ साथ थे, ये धार्मिक काम्प्लेक्स था, जहाँ पर जैन और हिन्दू दोनों साथ में पूजा पाठ किया करते थे, ये मंदिरों का एक सुन्दर सा काम्प्लेक्स था, जिसमे हिन्दुओ और जैनियों ने खूब मेहनत करी थी, नक्काशियां करि थी, ये ऊपर जो आप गणेश जी देख रहे है, ये भी उसी नक्काशी का एक हिस्सा है

ये नक्काशी देखिये, ये भी गणेश जी ही है, ये सबकुछ आपको क़ुतुब काम्प्लेक्स में मिलेगा, ये स्थान हिन्दुओ और जैनियों का धार्मिक केंद्र था, इस्लामिक हमलावरों ने क़ुतुब काम्प्लेक्स में मस्जिद बनाने के लिए 27 हिन्दू और जैन मंदिरों को तोडा, और उसके बाद वहां मस्जिद बनाई, जो आज भी है
पर सारे सबूत ये इस्लामिक हमलावर और बाद में सेक्युलर और वामपंथी मिटा नहीं पाए, पर हिन्दुओ की आँखें तो अपने ईश्वर को खोज ही लेती है, क़ुतुब काम्प्लेक्स हो, या जामा मस्जिद हो जो की काली मंदिर को तोड़कर बनाया गया, सबका एक ही इतिहास है, हिन्दुओ के खून और मंदिरों को तोड़कर ये सब बनाई गयी, और हमारे वामपंथी इन इस्लामिक हमलावरों को हीरो की तरह फिल्मो में पेश कर रहे है, इनको किताबों में महान बताया जाता है
हमे सिखाया जाता है की इस्लामिक हमलावर तो बहुत बड़े आर्किटेक्ट थे, उन्होंने भारत में शिल्पकारी की, और न जाने क्या क्या, हमे बताया जाता है की इस्लामिक हमलावरों ने कोई भी मंदिर नहीं तोडा, झूठ पर झूठ परोसा जाता है, ताकि हम भी इन सेकुलरों और वामपंथियों की जमात में शामिल होकर अकबर महान थे कहना शुरू कर दें
