कई बार लोग पूछते है की बीजेपी सिकुलर हो गयी है, कई बार दैनिक भारत के इनबॉक्स में भी लोग ऐसे सन्देश भेजते है, पर ऐसा हुआ क्यों, ये कभी सोचा है आपने, आज हम आपको उदाहरण देकर आज बताएँगे
1990 के दौर में मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, अयोध्या में हिन्दू गए और मुलायम सिंह यादव ने केंद्र की सरकार के कहने पर, और अपनी सत्ता और मुस्लिम वोटबैंक के लिए हिन्दुओ को गोलियों से भुनवा दिया पर 1992 में उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत के साथ बीजेपी की सरकार थी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे कल्याण सिंह
अयोध्या आंदोलन अपने चरम पर था, और केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, अयोध्या में कारसेवक 6 दिसंबर को मस्जिद की गुम्बद पर चढ़ गए थे, सुबह से हलचल जारी थी, इसी बीच केंद्रीय गृहमंत्री चव्हाण ने मुख्यमंत्री कल्याण सिंह को फ़ोन किया था
केंद्रीय गृहमंत्री ने कहा की मुझे सुचना मिली है की कारसेवक गुम्बद पर चढ़ गए है, उन्हें रोकिये, और मस्जिद को बचाने के लिए गोली चलवाइए, पिछली सरकार ने भी गोली चलवाकर मस्जिद को बचाया था, आप भी मस्जिद को बचाइए, किसी भी कीमत पर मस्जिद टूटनी नहीं चाहिए
इसके जवाब में फ़ोन पर ही मुख्यमंत्री कल्याण सिंह ने केंद्रीय गृहमंत्री चव्हाण को कहा था की, चाहे कुछ भी हो जाये मैं राम के बच्चों पर 1 भी गोली नहीं चलवाऊंगा, इसके बाद दबाव बनाने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री चव्हाण ने कल्याण सिंह को सरकार बर्खास्त करने की भी धमकी दी थी, और उसी दिन फ़ोन पर कल्याण सिंह ने कहा था की भले 50 बार मुख्यमंत्री बनु और 50 बार आप बर्खास्त करो, पर राम के बच्चों पर 1 भी गोली नहीं चलेगी
उसके बाद हिन्दुओ ने बाबर के उस कलंक को भारत की धरती से हटा दिया, और उसके बाद कल्याण सिंह की पूर्ण बहुमत वाली सर्कार को कांग्रेस की केंद्र सरकार ने बर्खास्त कर दिया, कल्याण सिंह को 1 दिन की जेल भी हो गयी, कल्याण सिंह ने हिन्दुओ पर गोली नहीं चलाई, हिन्दुओ के लिए उन्होंने अपनी कुर्सी को लात मार दिया, भारत के सबसे बड़े राज्य की सत्ता को उन्होंने छोड़ दिया, हिन्दुओ पर ही भरोसा करके छोड़ दी सत्ता
पर हिन्दुओ ने कल्याण सिंह के साथ क्या किया ?, हिन्दुओ को गोली से भुनवाने वाले मुलायम और उसके बेटे को कई बार सत्ता मिली, कल्याण सिंह को कभी नहीं, हिन्दू में एकता है कहाँ साहब, जातिवाद है, हिन्दुओ में एकता नहीं है साहब, और आप पूछते है की बीजेपी सिकुलर क्यों हुए जा रही है, कल्याण सिंह के साथ हिन्दुओ ने क्या, किया आप उसी से सीखिए, और समझिये की हिन्दू समाज की मानसिकता क्या है, ये लोग सस्ते दाल चावल के लिए, जातिवाद के लिए वोट देने वाले लोग है साहब ये लोग हिन्दू एकता के लिए वोट देने वाले लोग नहीं है
