मोदी ने किस से पूछकर किया था नोटेबंदी, बिना किसी से पूछे हिम्मत ही कैसे हुई : मनमोहन सिंह



पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज जमकर अपना मुँह खोला, वो गुजरात में थे और उन्होंने जमकर बातें की, बहुत दिनों  बाद वो लोगों को बोलते हुए दिखाई दिए, मनमोहन ने मोदी पर जमकर निशाना साधा, मोदी पर हमला किया, मोदी की नीतियों पर हमला बोला, और हमला बोलते बोलते ऐसी बातें कह दी की अब वो चर्चा का विषय बन चुकी है 

मनमोहन सिंह ने नोटेबंदी की आलोचना की, और कहा की नोटेबंदी के कारण देश की कमर टूट गयी, नोटेबंदी एक लूट थी, नोटेबंदी एक घोटाला था, इसके बाद मनमोहन सिंह ने ये भी कहा की, नोटेबंदी का फैसला मोदी ने किस से पूछकर लिया था, मोदी की हिम्मत ही कैसे हुई की बिना किसी से पूछे उन्होंने नोटेबंदी का फैसला किया 

मनमोहन सिंह यही नहीं रुके, उन्होंने ये भी कहा की मोदी की सारी आर्थिक नीतियां ख़राब है, और उस से  भारत और यहाँ की इकॉनमी का बेडा गर्ग हो रहा है 

आपकी जानकारी के लिए बता दें की अभी हाल ही में वर्ल्ड बैंक ने भारत की आर्थिक नीतियों की तारीफ की है, और व्यापार में आसानी वाली रैंकिंग में भी भारत ने ऐतहासिक सुधार किया है, 130 नंबर से भारत 100 नंबर पर पहुँच गया है, भारत में वर्ल्ड बैंक अरबों डॉलर लगाने को तैयार है 

कोई भी बैंक बिना  रिसर्च किये किसी देश को पैसा नहीं देता, भारत की इकॉनमी को देखते हुए ही वर्ल्ड बैंक भारत में इतना दिलचस्बी दिखा रहा है, आपको ये भी बता दें की मनमोहन सिंह जो मोदी पर आज इतना बोले, 2004 में वाजपेयी ने मनमोहन सिंह को 8.4% वाली जीडीपी दी थी, जिसे मनमोहन सिंह ने अपनी आर्थिक नीतियों के कारण 2014 में 4.8% कर दिया, और मोदी को दे दिया

जिस मनमोहन सिंह ने कोयला, 2G, और अन्य कई घोटालों पर आजतक 1 भी शब्द नहीं कहा  है, वो नोटबंदी को लूट और घोटाला बता गए, साथ ही मनमोहन सिंह ने ये भी स्वीकार कर लिया की मोदी तो अपनी मर्जी से फैसले करते है, पर जब वो PM थे वो किसी और (सोनिया) की मर्जी से फैसले लिए करते थे