जब भी कोई शख्स सच कहने की हिम्मत दिखाता है, सेक्युलर और वामपंथी पूरी गैंग बनाकर उसके पीछे पड़ जाते है, उसे सांप्रदायिक बता देते है और आजकल तो हिन्दुओ को आतंकी भी बताने का फैशन है, और बड़ी बात ये है की हिन्दुओ को आतंकी बताने वाले मजे में घूमते है, उनपर हिन्दू कोई बम ब्लास्ट, गोलीबारी नहीं करता फिर भी हिन्दू पर आतंकी होने का लेबल लगाने का आजकल फैशन सा है
बीजेपी के नेता अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल की है, और उन 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हिन्दुओ को अल्पसंख्यक का दर्जा देने की मांग करी है जहाँ असल में हिन्दू अल्पसंख्यक है, लक्षद्वीप में तो हिन्दू मात्र 2% है, मुस्लिम 98% है पर वहां भी हिन्दू बहुसंख्यक में आता है, अल्पसंख्यक में 98 % होने वाला मुसलमान आता है
आज इसी मुद्दे पर सुदर्शन न्यूज़ चैनल पर एक विशेष कार्यक्रम के दौरान अश्विनी उपाध्याय ने भारत के सेकुलरिज्म पर तीखा वार किया, और कहा की जिन स्थानों पर हिन्दू की संख्या कम है, हिन्दू अल्पसंख्यक है वहां पर हिन्दुओ की स्तिथि काफी दयनीय है, उदाहरण के तौर पर कश्मीर, नागालैंड इत्यादि
साथ ही अश्विनी उपाध्याय ने कहा की भारत के तो लगभग हर राज्य में ऐसे इलाके बन चुके हैं जहाँ पर हिन्दू अल्पसंख्यक है, बंगाल, केरल, बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना में ऐसे कई इलाके है जहाँ हिन्दू अल्पसंख्यक है, अश्विनी उपाध्याय ने कहा की भारत में सेकुलरिज्म की ये स्तिथि है किसी गाँव में 100 घर हो जिसमे 90 घर हिन्दुओ के हो और 10 घर मुसलमानो के वहां 10 मुसलमानो को कोई दिक्कत नहीं होती, वहां वो आराम से रह लेते है
पर अगर वहां पर 90 मुसलमानो के घर हो और 10 हिन्दुओ के घर हो तो ऐसे स्थान पर स्तिथि कैराना की बन जाती है, जहाँ हिन्दुओ का जीना दूभर हो जाता है, और ये एक सच्चाई है जिसे अगर आप बोलते है तो आप फ़ौरन सांप्रदायिक भी घोषित कर दिए जाते है
