मोदी के सामने नहीं टिकता कांग्रेस के 60 सालों का राज, देखिये इस बात के प्रमाण



मोदी को वोट नहीं देश की पड़ी है, कुछ बिन्दुओ पर गौर कीजिये 

*पहला प्रधानमंत्री जिसे वोटों की चिंता नही..... सिर्फ देश की चिंता है.....

*देखिए प्रमुख फैसले*

*OROP* *नोटबन्दी* *नदियों को जोडने पर काम* *राज्य केंद्र धन बंटवारा* *कश्मीर में पैलेट गन प्रयोग* *अलगाववादियों का खर्चा पानी बन्द* *पाकिस्तान मे घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक* *राफेल सौदा* *सेना को छूट* *F-16 विमान भारत मे बनाने पर काम* *म्यांमार में घुसकर आतंकियों पर हमला* *कालेधन पर कार्यवाही* *ढाई लाख गांवो को डिज़िटल बनाना*

*सभी गांवो मे बिजली पहुचाना* *बुलेट ट्रेन की शुरूआत करना* *कश्मीर में हिन्दू डिप्टी CM* *कांग्रेस के खात्में की शुरुवात* *योजना आयोग का खात्मा कर*  *नीति आयोग का निर्माण* *खुले में शौच पर लगाम, हर घर शौचालय* *बीजेपी राज्यो में 24 घण्टे बिजली पर कायम*

*बॉर्डर पर इस्राइली सुरक्षा* *चीन की तुलना में सेना की तैयारी* *घोटाला मुक्त सरकार* *पहली बार तीन तलाक का खात्मा* *Dr जाकिर नाईक का देश छोडना* *दाउद की UAE और इंग्लेण्ड मे सम्पत्ती सीज करवाना* *इस्लामिक के तुष्टिकरण से आजादी* *रोहिंग्या और बांग्लादेशियों को वापिस भेजने पर काम*

*इस्लामिक देशो से भय समाप्त* *पाकिस्तानी एटम बम से भय खत्म* *सेना का मनोबल बढ़ाना* *104 उपग्रह एक साथ लांच* *पूरे देश मे हाइवे का जाल* *इस्रायल से दोस्ती बनाना बिना फिलस्तीन से डरे* *अमेरिका,जापान,भारत की तिकड़ी चीन के खिलाफ* *पाकिस्तान को आतंकवाद पर दुनिया मे नंगा करना*

*बलूचिस्तान का मुद्दा उठाना* *सबको घर देने पर काम* *दुनिया मे भारत की धमक* *परमाणु पनडुब्बी* *रूस से S-400 राडार की खरीद* *बुरहान वानी सहित कश्मीर मे आतंकियों की लगातार ठुकाई* *जिहादी कट्टरपंथियों से डरे बिना तिलक लगाना और आरती करना*

*सऊदी शेख से आरती करवाना* *महबूबा से आरती करवाना* *हिंदूवादी सरकार बनाना* *रोजाफ्तार से दूरी बनाना* *फोन पर गैस बुक कराना* *बेटी दामाद परिवार को सत्ता से दूर रखना* *भारत को दुनिया का ग्रोथ ईंजन बनाना* *GST* *5 करोड़ महिलाओं को गैस सिलेंडर* आदि..आदि...आदि....

*मतलब मोदीराज मे हिन्दू, हिन्दुत्व और हिन्दुस्तान ने अपना खोया हुआ गौरव पुन: प्राप्त किया और भारत ने अपना स्वर्णकाल पुन: महसुस किया*! वहीं *ये कांग्रेसी थे जो 60 साल में कोई भी काम केवल घोटालों तक ही सोच पाऐं* ।जय हिंन्द।