मोदी ने भारतीय खजाने में भर दिया 400 अरब डॉलर, कांग्रेस की नजर अब इसी खजाने पर



2004 का चुनाव कोई कांग्रेस नहीं जीती थी, उसे 150 के आसपास ही सीट मिली थी, सभी सेकुलरों ने मिलकर सरकार बना ली थी, पर 2009 में कांग्रेस 206 सीट पर पहुँच गयी, और ऐसा इसलिए हुआ क्यूंकि कांग्रेस ने 2009 के चुनाव से पहले किसानो का 65 हज़ार करोड़ का कर्ज माफ़ किया, वो पैसा कांग्रेस की सरकार कहाँ से लायी थी उसे समझिये 

कांग्रेस की नजर है मोदी के उस 400 अरब डॉलर के विदेशी मुद्रा भंडार और लबालब भरे खजाने पे जिसे मोदी ने 2014 के बाद से इकट्ठा कर रखा है, क्या है की मोदी की सरकार में 1 भी घोटाला नहीं किया गया है, ईमानदारी से काम किया जा रहा है, टैक्स भी अधिक प्राप्त हो रहा है, देश सही दिशा में है, और जब घोटाला नहीं हुआ, टैक्स भी अधिक प्राप्त किया जा रहा है, विदेशी निवेश भी बढ़ गया है, जाहिर सी बात है सरकार के पास पैसा आ रहा है, और मोदी ने ईमानदारी से भारतीय खजाने को भरा है, और अब ये 400 अरब डॉलर को पार कर चूका है 

ये भाजपाइयों की आदत होती है ..जब जब सत्ता में आते हैं. और. बिना. घोटाला. किये. इमानदारी. से. सरकारी.. खजाना.भरते.है. गरीबो.के.लिये ताकि उस से देश के काम हो सके, गरीबों और सेना के लिए काम किया जा सके देश मजबूत हो सके पर उसका फायदा उठाती है कांग्रेस ..

2004 से पहले वाजपेयी ने इसी तरह भारत के खजाने को भरा था, विदेशी मुद्रा भंडार और भारतीय सरकार के खजाने को बिना  घोटाला किये भरा गया था, पर हुआ क्या कांग्रेस ने सभी सेकुलरों के साथ मिलकर सरकार बना ली, और 2009 के चुनाव से पहले किसानो का 65 हज़ार करोड़ का लोन माफ़ किया, 2009 में कांग्रेस 206 सीट ले आयी, और उसके बाद बम्पर घोटाले किये, 2004 में वाजपेयी के अकूत खजाने के बल पे कांग्रेस ने 65 हजार करोड़ के किसान कर्ज माफी की घोषणा कर के सत्ता हथिया ली थी और वाजपेयी की इंडिया शाइनिंग औंधे मुंह धड़ाम हो गई थी ..

कांग्रेस अच्छे से समझती है की भारत की जनता लोभी है, प्याज पे सत्ता बदल जाती है, यहाँ सब्सिडी, फ्री की चीजों की राजनीती खूबी चलती है, अब मोदी ने 400 अरब डॉलर का खजाना बना दिया है और उसी पर कांग्रेस की नजर है, आप लिखकर रखिये की कांग्रेस सत्ता में आने के लिए मुफ्त की चीजों के वादे करेगी, क्यूंकि भारत का खजाना इसी तरह जनता के बीच थोड़ा सा बांटकर सत्ता प्राप्त करो, और खूब लूटमार करो, ये कांग्रेस की पुरानी नीति रही है जिसके बल पर उसने 70 में से 60 साल तक राज किया है