कहीं कहीं अब 2 बच्चे करने की छूट, पर छूट मुस्लिमो के लिए नहीं



भारत में तो जब जनसँख्या नियंत्रण की बात आती है, तो सेकुलरिज्म के कारण लोग कहने लग जाते है को ये तो मुसलमानो का शोषण है, मुसलमानो पर अत्याचार है, ये तो हिन्दू एजेंडा है, चीन भी एक बड़ा देश है और भारत के साथ ही आज़ाद हुआ था, भारत 1947 में तो चीन 1948 में 

पर चीन में शुरू से ही ये सेकुलरिज्म का कीड़ा नहीं रहा, चीन समझ गया की अधिक जनसँख्या ठीक नहीं है, इसलिए उसने बहुत पहले ही अपने यहाँ 1 बच्चे का कानून बना दिया, कोई भी 1 से ज्यादा बच्चे नहीं कर सकता, और अगर उसका पहला बच्चा मर जाये, या ऐसी स्तिथि आये तो दूसरा बच्चा करने के लिए पूरा वेरिफिकेशन प्रोसेस होता था 

चीन में ये कानून अभी भी लागू है पर पिछले दिनों चीन ने अपने इस कानून में ढील दी, और देश में कहीं कहीं विशेष  इज़ाज़त लेकर 2 बच्चे करने की छूट दी है, यानि नागरिक अगर 1 से ज्यादा बच्चे करते है, तो फिर उन्हें स्थानीय प्रशासन से छूट लेनी होगी, प्रशासन तय करेगा की हां ये कर सकते है 2 बच्चे तब जाकर आपको उसकी इज़ाज़त मिलेगी, वो भी पुरे चीन में नहीं बस कहीं कहीं 

पर यहाँ चीन ने जो नया नियम बनाया है, नयी ढील दी है, उसमे उसने मुस्लिमो को बैन कर दिया है, जी हां, ढील मुस्लिमो को नहीं मिलेगी, 2 बच्चों की ढील चीन के अन्य सभी नागरिको को  मिलेगी, पर चीनी मुस्लिमो को इस से बाहर रखा गया है, चीनी मुस्लिम अभी भी बस 1 ही संतान कर सकता है, दूसरे बच्चे का सवाल ही नहीं उठता, अन्यथा भारी दंड है, प्रॉपर्टी जप्त से लेकर जेल वो भी जल्द से जल्द 

भारत में तो सिर्फ जनसँख्या नियंत्रण  का प्रयोग कर दो तो सेक्युलर ऐसे भड़क जाते है जैसे उन्होंने कोई हॉरर मूवी देख लिया हो और वो चिल्ला रहे हो, जहाँ चीन के वामपंथी लोग देशभक्त है और चीन की बेहतरी चाहते है, वहीँ भारत के वामपंथी और सेक्युलर लोग भारत को इस्लामिक देश बनाना चाहते है और इसी कारण जब भी देश के भलाई के लिए यूनिफार्म सिविल कोड या जनसँख्या नियंत्रण की बात आती है ये लोग विरोध में खड़े हो जाते है