बीजेपी नेता अश्विनी उपाध्याय ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका लगाई है, भारत के 9 ऐसे राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं जहाँ पर हिन्दू अल्पसंख्यक है, पर वहां भी हिन्दुओ को अल्पसंख्यकों को मिलने वाला कोई लाभ नहीं मिलता, उल्टा वहां भी हिन्दू बहुसंख्यक में आता है
इसी मुद्दे पर आज एक विशेष कार्यक्रम के दौरान सुदर्शन न्यूज़ के संपादक सुरेश चव्हाणके ने उदाहरण देकर अपने दर्शको को समझाया, सुरेश चव्हाणके ने बताया की हिन्दुओ के साथ सेक्युलरिस के नाम पर कितना भेदभाव हो रहा है, और खुलेआम भेदभाव हो रहा है
सुरेश चव्हाणके ने लक्षद्वीप का उदाहरण दिया और कहा की लक्षद्वीप में 98% मुसलमान है वहीँ हिन्दू लक्षद्वीप में सिर्फ 2% है, पर वहां भी बहुसंख्यको में हिन्दू आते है, 98% होकर भी मुसलमान अल्पसंख्यक में आते है, और अल्पसंख्यकों को मिलने वाले सारे लाभ 2% हिन्दुओ को नहीं बल्कि 98% मुसलमानो को मिलता है
इसी तरह की स्तिथि भारत के जम्मू कश्मीर, नागालैंड, पंजाब, मिजोरम, मेघालय जैसे राज्यों में है जहाँ पर हिन्दू अल्पसंख्यक है पर वो बहुसंख्यको में आता है, और अल्पसंख्यकों के सारे लाभ उनको मिलते है जो असल में उन राज्यों में बहुसंख्यक है और ये सीधे तौर पर भेदभाव है, अँधा कानून और नियम है
बता दें की ऐसे नियम कांग्रेस के शासन के दौरान 1993 में लागू किये गए थे, जहाँ पर हिन्दू को हर जगह बहुसंख्यक बना दिया गया था भले ही हिन्दू असल में अल्पसंख्यक हो, और ये कानून अभी तक चल रहा है
