2013 में रोकर कमल हसन ने कहा था, "मुझे कट्टरपंथी मुस्लिमो से बचाओ, वरना देश छोड़ दूंगा"



दैनिक भारत इस बात को अच्छे से समझता है की भारत में हिन्दुओ की याददास्त बहुत ही कमजोर होती है, वो तो ये भी भूल गया है की वो हिन्दू है या नहीं, अधिकतर हिन्दुओ से पूछो तो वो कहेंगे "आई एम ह्यूमन", अरे भैया हिन्दू भी ह्यूमन ही होता है, अगर कोई हिन्दू है तो इसका मतलब ये नहीं की वो एनिमल हो गया है, वो भी ह्यूमन ही होता है, खैर 

आज कमल हसन हिन्दुओ को आतंकवादी बता रहे है, असहिष्णु बता रहे है, हिंसक बता रहे है, पर हमे कमल हसन की 2013 वाली शक्ल याद आ गयी,  आपकी याददास्त को दुरुस्त करते हुए हम विस्तारपूर्वक बताते है 

बात है साल 2013 की, कमल हसन ने एक फिल्म बनाई थी, जिसके निर्माता भी वही थे, इस फिल्म का नाम था विश्वरूपम, इस फिल्म में आतंकवाद के दृश्य थे, आतंकवाद की कहानी पर ये फिल्म आधारित थी, कमल हसन ने इस फिल्म को बनाने में मार्किट से भी बहुत पैसा उठाया था, काफी खर्चा किया था

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ऊपर की तस्वीर में आप देख सकते है, विश्वरूपम का विरोध करते मुस्लिम संगठन, फिल्म के बारे में जैसे ही तमिलनाडु और केरल में मुस्लिम संगठनो को पता चला, उन्होंने इसका विरोध शुरू कर दिया, जगह जगह कमल हसन के पुतले जलाये जाने  लगे, राजनितिक दबाव बनाया जाने लगा, कांग्रेस और वामपंथी नेता साथ ही PFI, मुस्लिम लीग जैसे जिहादी संगठन कमल हसन का विरोध करने लगे, कमल हसन को जान से मारने  की धमकी के अलावा बेटी से बलात्कार की भी धमकियाँ दी जाने लगी 

पहले से फिल्म में बहुत पैसा लगा चुके कमल हसन की स्तिथि टाइट होने लगी, कट्टरपंथियों के साथ तो वैसे भी राजनेता होते है, कमल हसन की फिल्म को बैन करने की भी बातें होने लगी, फिल्म के रिलीज से पहले बहुत बुरी स्तिथि हो गयी थी कमल हसन की 


और इसी के बाद कमल हसन एक दिन सामने आये और रोते हुए उन्होंने कहा की, मैंने इस फिल्म में अपना सबकुछ लगा दिया है, और मुझे कट्टरपंथी इस्लामिक संगठनो से बचाओ, वरना मैं देश छोड़ने पर मजबूर हो जाऊंगा, 2013 में रो रो कर कमल हसन ने खुद को कट्टरपंथी मुस्लिमो से  बचाने की अपील की थी 

जैसे तैसे कमल हसन की फिल्म रेजील हुई और सभी मुस्लिमो ने उसका बहिष्कार किया, कमल हसन को सुरक्षा तक देना पड़ा, केरल और तमिलनाडु के मुस्लिम बहुल इलाकों में तो उनकी फिल्म कभी रिलीज ही नहीं हो सकी, हिन्दुओ ने कमल हसन की फिल्म देखि और फिल्म हिट हुई, और कमल हसन की की कमाई हुई अन्यथा उनकी आर्थिक स्तिथि टाइट हो गयी थी 

और आज वो कमल हसन जो 2013 में कट्टरपंथी मुस्लिमो के कारण रो रहे थे, देश छोड़ने की बात कर रहे थे, वो राजनीती में आने के लिए हिन्दुओ को आतंकी बता रहे है, साफ़ होता है की 2013 में हिन्दुओ ने जो कमल हसन का साथ दिया था, हिन्दुओ से वो बड़ी भूल हो गयी थी 

क्यूंकि जिस शख्स को हम मनोरंजन का चाची 420 समझकर बैठे हुए थे, वो तो अब्दुल 786 निकला