होटल रेस्त्रां में मनमोहन राज में 20% से ज्यादा था टैक्स, मोदी राज में है 5% टैक्स



अगर आप मनमोहन सिंह जो की कथित तौर पर अर्थशास्त्री भी है और मोदी जो पहले चायवाले थे, कांग्रेस के लोग उन्हें चायवाला कहकर अपमानित करते थे, इन दोनों के ही राज में काफी फर्क है, और हर मोर्चे पर ही फर्क है, आइये थोड़ा कुछ समझने की कोशिश करते है

जब मनमोहन राज था तब वैट नामक टैक्स लाया गया था, हर चीज पर वैट लगाया जाता था, अब अगर होटल या रेस्त्रां की बात करते है, तो मनमोहन राज में आपके बिल पर पहले 12.5% तो वैट लगाया जाता था, इसके साथ 5% सर्विस टैक्स लगता था, हो गया 17.5% उसके अलावा 5% से लेकर 15% टैक्स सर्विस चार्ज भी लगाया जाता था 

उदाहरण के तौर पर अगर आप हल्दीराम में खाने के लिए जाते थे तो 100 रुपए के बिल पर आपको 30 रुपए तक अधिक देना पड़ता था, ये बिल 130 रुपए का हो जाता था, वहीँ अब मोदी राज में होटल रेस्त्रां पर 5% GST लिया जाता है, उसके अलावा कुछ नहीं, न सर्विस टैक्स, न सर्विस चार्ज, न ही वैट, मात्र 5% का GST 

अब अगर आप हल्दीराम के खाना खाने जाएं, तो आपको 100 रुपए के बिल पर 5% GST देना होता है यानि बिल बन जाता  105 रुपए का, जो की मनमोहन राज से 25 रुपए कम है, ये तो एक होटल की बात रही, अन्य चीजों के भी यही हालात थे 

मीडिया की बातों में आने से अच्छा है की अपनी अक्ल का इस्तेमाल करें, मीडिया तो क्या है की पहले हवाला के जरिये अरब और रोम का पैसा लेती थी, जो अब बंद हो गया है, कोई भी मीडिया थोड़ी चाहेगी की इसी तरह की सरकार केंद्र में लगातार बंद रहे, अब क्या NDTV वाला जो ऊपर से लेकर नीचे तक फ्रॉड है, वो चाहेगा की मोदी देश के प्रधानमंत्री बने रहे, इसलिए मीडिया से सावधान रहे, और बाहर निकलिए और चीजों में आये फर्क को अपनी आँखों से देखने की कोशिश कीजिये