घोटालों का पूरा इतिहास है : 1980 में किया था सोनिया गाँधी ने घोटाला, और आसानी से पकड़ी गयी थी



 सोनिया गाँधी एक बहुत ही गुप्त महिला है, देश के अधिकतर लोगों को सोनिया गाँधी के बारे में 99% जानकारियां है ही नहीं, इसके पिता क्या करते थे, ये खुद क्या करती थी, राजीव गाँधी से कहाँ और किस स्तिथि में मिली थी, सिंधिया से सोनिया गाँधी के क्या सम्बन्ध थे, इत्यादि इत्यादि 

सोनिया गाँधी इटालियन है, और असली नाम सोनिया है ही नहीं, असली नाम है एंटोनिया मियानो, सोनिया गाँधी कैथोलिक ईसाई है, और ईसाइयत को ही फॉलो भी करती है, खैर 

आज हम आपको सोनिया गाँधी द्वारा किये गए उस फर्जीवाड़े, घोटाले की बात बताएँगे जो बहुत पुरानी है और 1980 में ही सोनिया गाँधी ने ये घोटाला, ये फर्जीवाड़ा किया था, और बहुत ही आसानी से पकड़ी भी गयी थी, पर कोंग्रेसियों की सरकार थी, न केस दर्ज हुआ और न ही कोई कार्यवाही हुई 

दरअसल सोनिया गाँधी की शादी राजीव गाँधी से 1968 में हुई थी, उसके बाद से सोनिया गाँधी भारत में रहने लगी, पर आपको ये जानकर हैरानी होगी की भारत की नागरिकता सोनिया गाँधी ने नहीं ली, नागरिकता 5 साल बाद ही ली जा सकती थी, पर सोनिया गाँधी ने भारत की नागरिकता ली 1983 में, शादी के 15 साल बाद, खैर 

अब जो बड़ा फर्जीवाड़ा सोनिया गाँधी ने किया उसके बारे में जानिये, सोनिया गाँधी ने इटालियन दूतावास में अपना इटली का पासपोर्ट 1983 में जमा किया और 1983 में ही सोनिया गाँधी ने भारत की नागरिकता ली, पर बड़ा फर्जीवाड़ा सोनिया गाँधी ने 1980 में ही कर दिया, भारतीय नागरिक बनने से 3 साल पहले 

सोनिया गाँधी ने 1980 में ही नई दिल्ली लोकसभा छेत्र में खुद को भारतीय वोटर के रूप में एनरोल करवाया, और 1980 में नई दिल्ली लोकसभा छेत्र के वोटर लिस्ट में भी सोनिया गाँधी का नाम था, साफ़ है की सोनिया गाँधी ने फर्जी दस्तावेज के जरिये खुद को भारतीय वोटर बनवाया, क्यूंकि  सोनिया गाँधी तो भारत की नागरिक 1983 में बनी थी, तो 1980 में ही भारतीय वोटर कैसे बन गयी 

जब कुछ अख़बार वालों ने सोनिया गाँधी द्वारा किये गए फर्जीवाड़े को छापा, तो कांग्रेस में हड़कंप मच गया, और 1982 में सोनिया गाँधी का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया,  और 1983 में सोनिया गाँधी ने भारत की नागरिकता ली, जब सोनिया गाँधी भारत की नागरिक ही नहीं थी तब भी वो 1980 में वोटर बन गयी, ये बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा था, कानूनन अपराध था, पर सोनिया गाँधी पर न कोई केस दर्ज हुआ न कोई कार्यवही हुई 

कांग्रेस पार्टी और उसके नेताओं का बाकायदा पूरा इतिहास रहा है, फर्जीवाड़े का  इतिहास, लूट, घोटालों का इतिहास, आज कांग्रेस सोनिया गाँधी द्वारा 1980 में किये गए फर्जीवाड़े पर 1 शब्द भी नहीं बोलेगी